सुंदरकांड का पाठ करने से दूर हो जाते हैं सभी तरह के भय- राजेश नागर
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा दिवस की द्वितीय वर्षगांठ पर सुन्दरकांड पाठ का आयोजन
फरीदाबाद। अयोध्या में भव्य राम मंदिर में विराजमान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा दिवस की द्वितीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हुडडा ग्राउन्ड सेक्टर-37 निकट सामुदायिक भवन में भारत विकास परिषद नारायण शाखा फरीदाबाद के तत्वाधान में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा सरकार में राज्यमंत्री राजेश नागर,महापौर श्रीमति प्रवीण बतरा जोशी,पूर्व मंत्री श्रीमति सीमा त्रिखा,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार वोहरा,मनमोहन गुप्ता,बिजैन्द्र बंसल,एसएचओ राकेश मलिक,अजय गुरूजी,जयप्रकाश अग्रवाल,आईडी शर्मा,मुकेश अग्रवाल,लोकेश शर्मा,संजय अग्रवाल,मुकेश अग्रवाल,आशा शर्मा,संजीव कंसल,अनिता शर्मा,श्याम सुन्दर,नंदा भड़ाना लोकेश बैंसला,योगेंन्द्र भाटी,बह्रप्रकाश गोयल,बुद्वप्रकाश तायल,मदल लाल जिन्दल मुख्य रूप से मौजूद थे। इस मौके पर भारी संख्या में पहुंचे श्रृद्वालुओं ने पहले जय श्रीराम का जयघोष किया और फिर सुन्दरकांड पाठ को सुना। कार्यक्रम का आयोजन रामभक्त देवेन्द्र अग्रवाल(देबू) द्वारा किया गया। इस मौके पर राजेश नागर ने कहा कि हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से दूर हो जाते हैं सभी तरह के भय। सुंदरकांड श्री राम चरित मानस का 5 वा अध्याय/कांड है। जहाँ सम्पूर्ण रामायण में श्री राम के सूंदर स्वरुप, उनके जीवन काल, स्वभाव, आदर्शों का गुण गान किया गया है वहीँ सुन्दरकांड एक ऐसा भाग है जो सिर्फ हनुमान जी की वीरता का बखान करता है। सुन्दरकाण्ड के पाठ से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं हनुमानजी नें अपनी बुद्धि और बल से सीता की खोज की है। इसी वजह से सुंदरकांड को हनुमानजी की सफलता के लिए याद किया जाता है। इस अवसर पर प्रवीण बतरा जोशी, श्रीमति सीमा त्रिखा, रामभक्त देवेन्द्र अग्रवाल(देबू) ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में अत्यधिक परेशानियां हो तथा कोई काम नहीं बन पा रहा है, आत्मविश्वास की कमी हो तो सुंदरकांड के पाठ से शुभ फल प्राप्त होता है। यह भक्तिमय आयोजन भगवान श्री राम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महिमा का उत्सव मनाने के लिए समर्पित है। आज के इस आयोजन में प्रभु श्री रामलला की महिमा में भजनों, रागों और कीर्तन की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई जिससे वातावरण दिव्य आनंद और भक्ति से भर गया। पाठ के समापन पर विशाल भण्डारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
