फरीदाबाद में BPL परिवारों के सरसों तेल के नए रेट:एक लीटर 30 और दो लीटर 100 रुपए मिलेगा

- जनवरी 2026 में बीपीएल परिवारों को मिलेगा फोर्टिफाइड सरसों तेल: आयुष सिन्हा

फरीदाबाद । उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी–2026 माह के लिए बीपीएल/एएवाई परिवारों को फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था की गई है। इस योजना के अंतर्गत पीपीपी में सत्यापित वार्षिक आय ₹1.80 लाख तक वाले प्रत्येक पात्र बीपीएल/एएवाई परिवार को प्रति माह 2 लीटर सरसों तेल प्रदान किया जाएगा।

डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा सरसों तेल की अधिकतम कीमत ₹300 प्रति 2 लीटर निर्धारित की गई है, जबकि लाभार्थियों को यह तेल ₹30 प्रति लीटर तथा ₹100 प्रति 2 लीटर की रियायती दर पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु हैफेड एवं हर-हिथ (हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड) के बीच जिलावार आवंटन आपसी सहमति से किया गया है। दोनों एजेंसियां प्रत्येक माह कॉनफेड (CONFED) के फोकल प्वाइंट पर फोर्टिफाइड सरसों तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरसों तेल पैकेज्ड रूप में, एफएसएसएआई प्रमाणित एवं पूर्णतः सीलबंद बोतलों में ही वितरित किया जाएगा। प्रत्येक बोतल पर स्पष्ट रूप से “बिक्री के लिए नहीं –केवल पीडीएस के लिए” अंकित होना अनिवार्य होगा। आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी अथवा सील में दोष पाए जाने की स्थिति में संबंधित एजेंसी पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगी।

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि हैफेड एवं हर-हिथ द्वारा 5 प्रतिशत तेल 1 लीटर की बोतलों में तथा 95 प्रतिशत तेल 2 लीटर की बोतलों में उपलब्ध कराया जाएगा। सभी बोतलें लीक-प्रूफ होंगी। तेल की आपूर्ति पिछले माह की 20 से 30 तारीख के बीच कॉनफेड के फोकल प्वाइंट पर सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वितरण कार्य प्रत्येक माह की 1 तारीख से प्रारंभ किया जा सके।

कॉनफेड द्वारा डिपो धारकों के माध्यम से निर्धारित मार्जिन घटाकर राशि जमा कराई जाएगी तथा फेयर प्राइस शॉप्स (एफपीएस) तक डोर-स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाएगी। आपूर्ति के पश्चात हैफेड एवं हर-हिथ अपने बिल कॉनफेड को प्रस्तुत करेंगे, जिन्हें आगे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा को भुगतान हेतु भेजा जाएगा।

तेल की गुणवत्ता एवं मात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) द्वारा गठित समितियां नियमित जांच करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर यादृच्छिक नमूनों की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी। यदि आपूर्ति एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक बोतल पर निर्माण तिथि, समाप्ति/उपयोग की अंतिम तिथि, पोषण मूल्य (प्रति 100 ग्राम) तथा “सरकारी आपूर्ति – हरियाणा सरकार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु” अंकित होना अनिवार्य होगा।

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने संबंधित सभी एजेंसियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनवरी–2026 के लिए फोर्टिफाइड सरसों तेल की आपूर्ति एवं वितरण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को इस योजना का पूरा लाभ मिल सके।

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