छोटी चौपाल : हरियाणा मानव अधिकार आयोग द्वारा लघु नाटक के माध्यम से पर्यटकों को अधिकारों के प्रति किया जागरूक

फरीदाबाद । सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की अलख भी जगाई जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को हरियाणा मानव अधिकार आयोग द्वारा मेलेे की छोटी चौपाल पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

लघु नाटक से दी मानव अधिकारों की जानकारी : 
आयोग के कलाकारों द्वारा छोटी चौपाल पर एक प्रभावशाली लघु नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के माध्यम से पर्यटकों को मानव अधिकारों के हनन, सामान्य नागरिक के अधिकारों और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आयोग से मदद लेने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। नाटक के माध्यम से दर्शकों को सजगता ही अधिकारों की रक्षा का सबसे सशक्त माध्यम के बारे में संदेश दिया गया। कलाकारों ने बड़ी ही सहजता से नाटक के जरिए दर्शाया कि हरियाणा मानव अधिकार आयोग किस प्रकार आम जन की शिकायतों पर संज्ञान लेता है और न्याय सुनिश्चित करता है। मेले में आए पर्यटकों ने इस ज्ञानवर्धक प्रस्तुति की सराहना की।

शिल्प मेला बना मनोरंजन और शिक्षा का संगम : 

सूरजकुंड मेले की मुख्य और छोटी चौपाल पर प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मेला प्रशासन का उद्देश्य है कि यहां आने वाले पर्यटक न केवल शिल्प और कला का आनंद लें, बल्कि महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी जानकारियों से भी समृद्ध होकर लौटें।

ये रहे मौजूद : 
इस मौके पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा, जुडिशल सदस्य कुलदीप जैन, सदस्य दीप भाटिया व रजिस्ट्रार संजय कुमार खडूंजा सहित अन्य अधिकारी व पर्यटक मौजूद रहे।

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