“ज्ञान, कला और उमंग का महापर्व बसंत पंचमी – सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र

 दिनांक 23 जनवरी-2026 को सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र में सांगीतिक बैठक के अंतर्गत “बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस” के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के मैनेजर श्री एस एन गोगिया जी तथा प्रधानाचार्य श्री दीपेंद्र कांत जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात सरस्वती माता के भावपूर्ण भजनों, मनोहारी नृत्य प्रस्तुतियों तथा देशभक्ति गीतों एवं नृत्यों की सुंदर प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य दीपेंन्द्र कांत द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि बसंत पंचमी, जिसे विक्रम पंचमी भी कहा जाता है, माँ सरस्वती की आराधना का पावन पर्व है। इस दिन विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। यह दिन ज्ञान, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, तथा इसी दिन से ऋतु परिवर्तन होकर बसंत ऋतु का आगमन होता है। इस कार्यक्रम में सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। मेघा द्वारा राग भैरव पर आधारित बंदिश प्रस्तुत की गई,
सभी बच्चों की प्रस्तुतियों में शास्त्रीय संगीत की झलक के साथ-साथ अनुशासन एवं साधना की स्पष्ट झलक देखने को मिली। सरस्वती वंदना से वातावरण ज्ञान और भक्ति से ओत-प्रोत हो गया, वहीं देशभक्ति गीतों एवं नृत्यों ने सभी के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया।
इसके पश्चात रवि , विकास , पूजा , मेघा , शिवांजलि , कुंदन मिश्रा आर के वशिष्ठ, रिशिता एवं अन्य विद्यार्थियों द्वारा राग बसंत में एक विशेष प्रस्तुति पेश की गई, सरस्वती पूजा के मध्य प्रधानाचार्य श्री दीपेंद्र कांत जी ने सभी बच्चों को बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों के निरंतर अभ्यास और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन रवि तथा पूजा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित रूप से किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स आदि से सम्मानित भी किया गया।
समग्र रूप से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय रहा, जिसने बच्चों के सांस्कृतिक, नैतिक एवं कलात्मक विकास को सुदृढ़ किया। इस अवसर पर केशव शुक्ला , मिस्टर संजय बिड़लान एवं मिस दिशा हरे उपस्थित रहे।

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