श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में हुई माता कात्यानी की भव्य पूजा, भक्तों ने लगाए माता के जयकारें

फरीदाबाद।  श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में दुर्गा माता के छठे स्वरूप माता कात्यानी की भव्य पूजा अर्चना की गई. इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां कात्यानी के दरबार में माता देखकर अपनी हाजिरी लगाई तथा अपने मन की मुराद मांगी. बड़ी संख्या में भक्ति महारानी वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना में हिस्सा लिया. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रात: कालीन हवन यज्ञ और पूजा का शुभारंभ करवाया. इस खास पावन मौके पर  उद्यमी और समाजसेवी मनमोहन गुप्ता तथा आर के बत्रा ने माता रानी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई तथा ज्योति प्रज्वलित की.

मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने आए हुए अतिथियों को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया. इस अवसर पर श्री भाटिया ने श्रद्धालुओं के समक्ष माता कात्यानी की महिमा का बखान किया. उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. इन नौ स्वरूपों में छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है. इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा के साथ मां कात्यायनी की पूजा करते हैं और उनसे सुख, शांति और भयमुक्त जीवन की कामना करते हैं. मां कात्यायनी को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है.

उनका स्वरूप बेहद तेजस्वी और दिव्य है. वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी चार भुजाएं हैं. उनके दाहिने हाथ अभय और वर मुद्रा में होते हैं, जबकि बाएं हाथों में तलवार और कमल का फूल होता है. मान्यता है कि सच्चे मन से मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन के दुख, रोग और भय दूर हो जाते हैं. मां कात्यायनी को शहद या शहद से बनी खीर का भोग अर्पित करना खास माना जाता है. यह भोग उन्हें अत्यंत प्रिय है. माना जाता है कि मां को इन चीजों का भोग लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

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