विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की देता है प्रेरणा : कृष्णपाल गुर्जर
जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री
फरीदाबाद। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल इतिहास की एक घटना का स्मरण नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्हें देश विभाजन के दौरान अपना घर, परिवार और जीवन तक गंवाना पड़ा। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शुक्रवार को सेक्टर- 12 स्थित सभागार कक्ष में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ फरीदाबाद जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, बल्लभगढ़ जिलाध्यक्ष सोहन पाल और उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा, सीईओ जिला परिषद शिखा भी मौजूद रही। कार्यक्रम में सर्वप्रथम केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, सोहन पाल और उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सूचना, जनसंपर्क एव भाषा विभाग द्वारा लगाई गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इसके पश्चात विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के पीडि़तों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी और साथ ही उनकी याद में दो मिंट का मोन रखा गया। कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी झेल चुके कैप्टन तुसलीदास, द्वारिका नाथ कथूरिया और प्रकाश लाल शर्मा ने अपने अनुभवों को साझा किया। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि 14 अगस्त 1947 की तारीख भारत के इतिहास का ऐसा क्षण है, जब एक ओर देश 200 वर्षों की गुलामी से स्वतंत्र होने जा रहा था, वहीं दूसरी ओर विभाजन की त्रासदी ने करोड़ों लोगों को गहरे दु:ख और विस्थापन का सामना करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को स्वयं झेलने वाले वरिष्ठ नागरिकों और समाज के उन प्रतिष्ठित लोगों का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन पुन: स्थापित किया और समाज तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सिंध और अन्य क्षेत्रों से विस्थापित होकर आए लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
उनके संघर्ष से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का जो निर्णय लिया, वह उन असंख्य पीडि़त परिवारों के प्रति राष्ट्र की संवेदनशील श्रद्धांजलि है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया कि देश के बंटवारे का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता और नफरत व हिंसा के कारण लोगों को विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल पढऩे का विषय नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने का माध्यम है। विभाजन की त्रासदी हमें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक अखंडता के महत्व का स्मरण कराती है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को समझे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प ले। राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरा देश एकजुट होकर विदेशी शासन के विरुद्ध लड़ा था।
इसलिए हमें ऐसी किसी भी विभाजनकारी सोच से सावधान रहना होगा, जो समाज में वैमनस्य पैदा करे। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत में निहित है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका में जान गंवाने वाले सभी लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान को राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित गरिमामय कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास से जोडऩे और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित नागरिकों से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और भारत माता की सेवा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर सीएमओ डर जयंत आहूजा, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, डीईओ विपिन गोयल, बीडीपीओ अंशु डागर, बीडीपीओ आरती सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्तिगण और विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं मौजूद रही।
