महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने किया बी.के. नागरिक अस्पताल का निरीक्षण
विभिन्न वार्डों का दौरा कर मरीजों से की बातचीत, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
फरीदाबाद। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने सोमवार को फरीदाबाद स्थित बी.के. नागरिक अस्पताल का दौरा कर अस्पताल की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के मातृत्व (मैटरनिटी) वार्ड, ओपीडी सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने अस्पताल में वेंटिलेशन, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई तथा दैनिक संचालन संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में क्यू मैनेजमेंट, टोकन सिस्टम एवं साफ-सफाई की व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं में तत्काल प्रभाव से सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक इंतजार का सामना न करना पड़े तथा उन्हें निजी अस्पतालों की तर्ज पर बेहतर, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों को सम्मानजनक, सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा अस्पताल परिसर में सभी मूलभूत सुविधाओं का नियमित रूप से निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी एवं अवकाश रोस्टर के अनुसार सुव्यवस्थित ढंग से निर्धारित किए जाएं,
ताकि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं में असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता तथा समयबद्ध सेवाएं बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला हैं। इस अवसर पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने अस्पताल की आंतरिक शिकायत समिति के सदस्यों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडऩ की रोकथाम से संबंधित प्रकरणों, लंबित मामलों तथा उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने समिति को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
