पौधों को परिवार के सदस्य की तरह करें संरक्षित : संदीप कुमार गर्ग
- डीएलएसए के विशाल पौधारोपण अभियान के तहत सेक्टर-7 विद्यालय में रोपे गए पौधे
फरीदाबाद । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), फरीदाबाद द्वारा चलाए जा रहे विशाल पौधारोपण अभियान के अंतर्गत आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-7, फरीदाबाद में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद संदीप कुमार गर्ग के मार्गदर्शन एवं सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जितेंद्र सिंह की देखरेख में रोटरी क्लब, एनआईटी, फरीदाबाद के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, रोटरी क्लब के पदाधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण किया गया। पौधों की नियमित देखभाल करने वाले विद्यार्थियों को “ग्रीन फोर्स” के रूप में टी-शर्ट वितरित की गईं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद संदीप कुमार गर्ग कहा कि यह अभियान न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA), पंचकूला के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद जिले के 281 विद्यालयों में प्रत्येक विद्यालय में 100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों को अपने परिवार के सदस्य की तरह संभालने का आह्वान करते हुए कहा कि हरियाली ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण दे सकती है।
सीजेएम जितेन्द्र सिंह ने बताया कि डीएलएसए, फरीदाबाद द्वारा अब तक जिले के विद्यालयों, औद्योगिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों तथा गांवों में 24,890 पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम, 2012 के बारे में भी जागरूक करते हुए बताया कि कानून के अनुसार बच्चे की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है तथा बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराध की सूचना देना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या सीमा गौतम ने सभी अतिथियों, रोटरी क्लब, डीएलएसए, विद्यालय परिवार तथा उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं विधिक जागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण रहा।
