फरीदाबाद में यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ

यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब स्थापित करने वाली प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय

फरीदाबाद। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग एवं कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट द्वारा आज अत्याधुनिक यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर यूएवी एवं टेथर्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित 20 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहले 10 दिनों में ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा अगले 10 दिनों में एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़ी उभरती प्रौद्योगिकियों में भविष्य उन्मुख तथा उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सुविधा विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अजय रंगा सहित प्रो. अतुल मिश्रा (डीन, अकादमिक कार्य), प्रो. मुनीश वशिष्ठ (डीन, इंस्टीट्यूशन्स एवं अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग), प्रो. अनुराधा शर्मा (डीन, विज्ञान संकाय), प्रो. राजेश कुमार आहूजा (डीन, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय), प्रो. राज कुमार (मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग), प्रो. हरिओम (अध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग), प्रो. प्रदीप डिमरी (डीन, छात्र कल्याण), प्रो. दिव्या ज्योति (अध्यक्ष, भाषा एवं साहित्य विभाग) तथा प्रो. पवन सिंह (अध्यक्ष, संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट के प्राचार्य प्रो. संजीव गोयल ने प्रयोगशाला की अत्याधुनिक सुविधाओं का परिचय देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की संरचना एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो. राजेश कुमार आहूजा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन तकनीकों का महत्व रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रो. अजय रंगा ने इस प्रयोगशाला को विश्वविद्यालय की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन दोनों तकनीकों पर समान रूप से केंद्रित यह पहल विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ सहयोग एवं प्रायोजित परियोजनाओं के माध्यम से यह प्रयोगशाला विश्वविद्यालय के लिए राजस्व सृजन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। कार्यक्रम में उद्योग जगत से डीटाउन रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड एवं एलकॉम इनोवेशन्स के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

इनमें अविनाश चंद्र पाल (सीईओ, डीटाउन रोबोटिक्स), मानस उपाध्याय (सीटीओ, डीटाउन रोबोटिक्स), सहजीत सिंह (चीफ आर एंड डी), आशीष अरोड़ा (वाइस प्रेसिडेंट, टेक्निकल सेल्स, एलकॉम इनोवेशन्स) तथा अर्पित दुबे (इंजीनियर, एलकॉम इनोवेशन्स) शामिल रहे। इस अवसर पर डीटाउन रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने विद्यार्थियों के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग आधारित इंटर्नशिप अवसरों की भी घोषणा की। कार्यक्रम के अंत में प्रो. मुनीश वशिष्ठ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. रोहित त्रिपाठी (सहायक प्रोफेसर) एवं डॉ. शैलजा जैन (एसोसिएट प्रोफेसर), इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग तथा विनोद चौहान (सहायक प्रोफेसर), कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट द्वारा किया गया।

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