… आखिर कब तक रजवाहे के पानी से डूबती रहेंगी किसानों की फसलें

फरीदाबाद। सिंचाई विभाग के रजवाहे से हर वर्ष खंदावली गांव के किसानों की दर्जन एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। इन खेतों के मालिक किसानों को न तो खरीफ के दौरान फसल मिलती है और न ही रबी के मौसम में कोई दाना घर आता है। इस मामले में किसानों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग के हरचंदपुर उपमंडल का एक रजवाह गुरुग्राम नहर से निकल कर खंदावली, कैल गांव, शाहपुर खुर्द, जाजरू होते हुए पियाला तक जाता है। अब इन गांवों के खेतों में काफी संख्या में अवैध कालोनी बस चुकी हैं।

इसलिए रजवाहे का पानी इन गांवों में पूरी तरह से फसलों की सिंचाई के लिए प्रयोग नहीं हो पाता है। रजवाहे की सिंचाई विभाग भी अच्छी तरह से देख-रेख भी नहीं करता है। रजवाहे के अंदर साफ-सफाई न होने के कारण झाडिय़ा खंडी हो गई हैं। यही कारण है कि रजवाह टूट जाता है और पानी बह कर खेतों में भर जाता है। पिछले कई वर्षों से यह किसानों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। इस मामले में काफी समय से गांव के किसान रफीक, रियाज, कासिम, फरीक, जफरू आदि ने प्रशासनिक अधिकारियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से समस्या समाधान कराने के लिए कहते रहे हैं। अब तो गांव से जिला परिषद का चेयरमैन विजय लोहिया भी हैं।

वह भी इसका कोई समाधान नहीं करा पा रहे हैं। इन खेतों में जिन लोगों ने जमीन खरीद कर रहने के लिए मकान बना लिए हैं, उनका भी जलभराव होने से रहना मुश्किल हो रहा है। बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज का कहना है कि रजवाहे का मौका मुआयना विभागीय अधिकारियों के साथ किया जा चुका है। यह सही है कि किसानों को कई वर्षों से फसलों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रजवाहे को पानी निकासी के लिए सीकरी की जोहड़ से जोड़ा जाएगा। रजवाहे का पानी प्रयोग न होने पर सीकरी की जोहड़ में भर जाएगा। सीकरी की जोहड़ से पानी को फिर गौंछी ड्रेन में डाला जाएगा। ताकि इस पानी का सदुपयोग किया जा सके। जल्दी ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल वर्षा होने से अभी योजना पर काम शुरू नहीं किया जा सका है।

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