फरीदाबाद पुलिस हुई और भी हाईटेक, अब मोबाइल पर, उंगलियों के इशारे पर होगा तफ्तीश का काम

300 पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

फरीदाबाद। पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोडऩे और अनुसंधान कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को फरीदाबाद पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। लघु सचिवालय, सेक्टर-12 स्थित आयोजन स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम्स मोबाइल एप्लिकेशन की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षित किया गया। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो से आये विशेष नोडल अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व किया। प्रशिक्षण के दौरान  अनुसंधान अधिकारियों को बताया गया कि कैसे वे अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके अपराध और अपराधियों का डेटा रियल-टाइम बेसिस पर अपडेट कर सकते हैं।

इस अवसर पर एसीपी ट्रैफिक-2 विकास कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने पुलिसकर्मियों को तकनीक को अपनाने के लाभ समझाये। प्रशिक्षण शिविर में फरीदाबाद पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की, जिनमें मुख्य रूप से सभी जोन की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच), आर्थिक अपराध शाखा (इकनोमिक ओफेश विंग), सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, अनुसंधान अधिकारी (इंन्वेस्टिगेशन ऑफिसर) एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर्स उपस्थित रहे। इस सघन प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल ऐप चलाना सिखाना ही नहीं, बल्कि पुलिसिंग की कार्यक्षमता को एक नए स्तर पर ले जाना है।

प्रशिक्षण शिविर में बताया गया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से मौके पर ही डेटा अपलोड होने से जांच प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता और पारदर्शिता आएगी। वहीं अब अनुसंधान अधिकारियों को छोटी-छोटी जानकारी दर्ज करने के लिए बार-बार थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे समय की भारी बचत होगी। सुरक्षित और त्वरित रिकॉर्ड: जांच से संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में तुरंत सुरक्षित किया जा सकेगा, जिससे साक्ष्यों के प्रबंधन में आसानी होगी। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध या अपराधी का पिछला रिकॉर्ड अब मौके पर ही मोबाइल के जरिए चेक किया जा सकेगा।

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