उद्योगों में जाकर मजदूरों की होगी स्वास्थ्य जांच : कृष्ण पाल गुर्जर
नव वर्ष पर कृष्ण पाल गुर्जर ने ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ को दिखाई हरी झंडी
फरीदाबाद। नव वर्ष के आगमन पर गुरुवार को फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने सेक्टर-28 स्थित अपने कार्यालय परिसर से ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ की दो अत्याधुनिक चिकित्सा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बडख़ल विधायक धनेश अदलखा, बल्लभगढ़ जिलाध्यक्ष सोहन पाल सिंह भी मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि केंद्र सरकार के बिजली मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान राज्य मंत्री के रूप में सेवा देते हुए फरीदाबाद के मजदूरों एवं गरीब वर्ग के कल्याण के उद्देश्य से एक करोड़ रुपये की राशि सीएसआर के अंतर्गत ईएसआई फरीदाबाद को प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण एवं शहरी जरूरतमंद लोगों तक सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया कि हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जहां अस्पतालों की पहुंच सीमित है। इन बसों में प्राथमिक उपचार, जांच सुविधाएं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे आम नागरिकों को घर के नजदीक स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। यह हरियाणा का पहला ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ है, जो पूरी तरह आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है।
यह मोबाइल मेडिकल वैन एक चलते-फिरते अस्पताल के रूप में कार्य करेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि इस वैन में एयर कंडीशनिंग, जनरेटर, एक्स-रे मशीन, लैब टेस्टिंग की सुविधा, ब्लड टेस्ट, ईएनटी जांच सहित दर्जनों प्रकार की आवश्यक चिकित्सीय जांच की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अत्याधुनिक वैन के माध्यम से मजदूरों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा, जो दिन-रात औद्योगिक इकाइयों में कड़ी मेहनत करते हैं और समय के अभाव में अस्पताल जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। अब अस्पताल स्वयं मजदूरों के पास पहुंचेगा।
यह मोबाइल मेडिकल वैन उद्योगों में जाकर वहीं पर श्रमिकों की जांच करेगी और उन्हें समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की श्रमिकों और गरीब वर्ग के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। सही मायनों में यह कहा जा सकता है कि अब कुआं प्यासे के पास जाएगा, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया। इस अवसर पर ईएसआई मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर्स, पार्षदगण और गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।
