सिडनी की तर्ज पर बनेगा राजा नाहर सिंह स्टेडियम: 5 साल का वनवास खत्म, जनवरी में फिर गूंजेगी मशीनों की गूंज

- निगम ने तैयार किया 90 करोड़ का नया प्लान - पीपीपी मोड रद्द, अब सरकार खुद संवारेगी खेल विरासत

फरीदाबाद। राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब जल्द ही अपने नए स्वरूप में नजर आएगा। पिछले पांच वर्षों से फाइलों और जांच के जाल में उलझा यह प्रोजेक्ट अब दोबारा पटरी पर लौटने को तैयार है। नगर निगम ने स्टेडियम के अधूरे निर्माण और आधुनिक सुविधाओं को जोड़ने के लिए 90 करोड़ रुपये का नया इस्टीमेट तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। उम्मीद है कि जनवरी 2026 के अंत तक निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएगा।

निजी हाथों में नहीं जाएगा ‘कंट्रोल’, सरकार ने बदला फैसला
इस प्रोजेक्ट को लेकर सबसे बड़ा बदलाव इसके संचालन मॉडल में किया गया है। पहले इसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर देने की तैयारी थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। बडखल विधायक धनेश अद्लखा के अनुसार, पीपीपी मोड से स्टेडियम का नियंत्रण निजी कंपनियों के पास चला जाता, जिससे स्थानीय एकेडमियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता और मैच न होने की स्थिति में स्टेडियम के व्यावसायिक दुरुपयोग का खतरा था। अब नगर निगम ही इसे पूरा कराएगा।

एसीबी जांच और एनओसी का रहा पेंच
स्टेडियम का निर्माण 2019 में 115 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था, लेकिन 2020 में निर्माण कंपनी ‘रंजीत बिल्डकॉन’ ने बजट की कमी बताकर काम छोड़ दिया। इसके बाद प्रोजेक्ट एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी ) की जांच में फंस गया, जो दो साल बाद भी जारी है। 2023 में इसे फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए ) को सौंपा गया, लेकिन नगर निगम से एनओसी न मिलने के कारण मामला लटका रहा। अब अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इसे वापस नगर निगम को दे दिया गया है।

37 साल में केवल 8 इंटरनेशनल मैच
1981 में बने राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का इतिहास उपेक्षा की कहानी बयां करता है। करीब 37 वर्षों के लंबे अंतराल में यहां सिर्फ 8 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले ही आयोजित हो सके। इस मैदान पर आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ष 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया वनडे था। इसके बाद से यह ऐतिहासिक स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गतिविधियों से दूर होता चला गया और खेल मानचित्र से लगभग गायब हो गया।

क्रिकेट ही नहीं, अब बनेगा  फुल-फ्लेज्ड ‘स्पोर्ट्स हब’
नए मास्टर प्लान के तहत राजा नाहर सिंह स्टेडियम को केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे बहु-खेल गतिविधियों के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार स्टेडियम परिसर में फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन और वॉलीबॉल कोर्ट के साथ स्विमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, ताकि विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को एक ही परिसर में सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, स्टेडियम के चारों ओर आधुनिक साइकिलिंग ट्रैक बनाया जाएगा, जो खिलाड़ियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगा। रात्रि मैचों और अभ्यास सत्रों के लिए हाई-टेक फ्लड लाइट्स लगाई जाएंगी, जिनकी रोशनी क्षमता मौजूदा 1500 लेक्स से बढ़ाकर 3000 लेक्स की जाएगी।

बड़खल विधायक धनेश अदलखा कहते हैं कि ‘नगर निगम द्वारा भेजे गए 90 करोड़ रुपये के इस्टीमेट को सरकार से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। स्टेडियम के अधूरे निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कर निर्धारित समय में पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। वर्ष 2026 तक फरीदाबाद के लोगों को आधुनिक सुविधाओं से लैस, विश्वस्तरीय खेल स्टेडियम समर्पित किया जाएगा, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

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