मानवता, कला और संस्कृति का संगम—जालंधर में सजी सुरों की महफ़िल

485 विद्यार्थियों ने ‘सतयुग संगीत उत्सव’ में दिखाया शानदार प्रदर्शन

जालंधर। शहर स्थित रेड क्रॉस भवन ऑडिटोरियम में सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा 18वीं अंतर्जनपदीय संगीत प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जालंधर, होशियारपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के 28 स्कूलों से लगभग 485 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी कला, संस्कृति और संगीत प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती परवीन अब्राल ने अपने संबोधन में कहा कि सतयुग दर्शन मानवता, सत्य, दया, करुणा और समानता की जीवनशैली अपनाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मानवता सर्वोपरि है और हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज में शांति और सद्भाव का वातावरण बनाए।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राकेश शर्मा (प्रिंसिपल, साइन दास एंग्लो सीनियर सेकेंडरी स्कूल), नीलम कत्याल (प्रिंसिपल, सेंट जॉर्ज कान्वेंट स्कूल) और शिवम गुप्ता (प्रिंसिपल, ब्रिगेडियर सर्वहितकारी पब्लिक स्कूल) उपस्थित रहे।

सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रधानाचार्य श्री दीपेंद्रकांत, निर्णायक मंडल प्रो. शोभा शर्मा, प्रो. हरजिंदर अमन और प्रो. रविंदर कौर रीत तथा सेंटर इंचार्ज मीना सिक्का ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। प्रधानाचार्य दीपेंद्रकांत ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में संगीत, कला, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को विकसित करना है, जिससे उनमें अनुशासन, सकारात्मकता और आत्मिक शांति का भाव प्रबल हो सके।

इवेंट इंचार्ज रविंद्र सचदेवा ने बताया कि प्रतियोगिता अत्यंत सफल रही। होशियारपुर के 28 स्कूलों के लगभग 485 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। यह प्रतियोगिता कुल आठ जिलों में निशुल्क आयोजित की जाएगी। राउंड-1, 28 नवंबर तक चलेगा, इसके बाद 29 नवंबर को रेड क्रॉस भवन जालंधर में सेमीफाइनल और 2 दिसंबर को DAVIT कॉलेज, कबीर नगर में ग्रैंड फिनाले आयोजित होगा। फिनाले में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः ₹5100, ₹3100 और ₹2100 की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों में प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। एकल गायन में एच.एम.वी. कॉलिजिएट की सहज प्रथम रही। समूह गायन में भी एच.एम.वी. ने प्रथम स्थान हासिल किया। एकल नृत्य में सिटी पब्लिक स्कूल की हर्षिता अव्वल रही। समूह लोकनृत्य में हंस राज महिला कॉलिजिएट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य (भक्ति) में गुरुकुल ने बाजी मारी। रंगोली प्रतियोगिता में लाला जगत नारायण डीएवी प्रथम रहा और नुक्कड़ नाटक में भी गुरुकुल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

सिटी कोऑर्डिनेटर सुमित सिक्का और कामना नागपाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन टीम का धन्यवाद किया। मंच संचालन यतिन सिक्का और निशा सिक्का ने किया। कार्यक्रम में सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

जालंधर ने एक बार फिर साबित किया कि कला, संस्कृति और मानवता की परंपरा को आगे बढ़ाने में शहर सदैव अग्रणी रहा है।

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